राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा:-17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड,किसी खिलाड़ी को खेल-रत्न नहीं…
राष्ट्रीय खेल पुरस्कार 2025 की घोषणा हो गई है, लेकिन इस बार देश के सर्वोच्च खेल सम्मान मेजर ध्यानचंद खेल रत्न के लिए किसी खिलाड़ी का चयन नहीं किया गया।12 साल में पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी खिलाड़ी को खेल रत्न नहीं दिया गया हो। इससे पहले 2014 में ऐसा हुआ था। वहीं, 17 खिलाड़ियों को अर्जुन पुरस्कार के लिए चुना गया है, जबकि एक खिलाड़ी को लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार मिला है। पुरस्कारों का एलान खेल मंत्रालय ने मंगलवार को किया।
इस साल 17 खिलाड़ियों को अर्जुन अवॉर्ड के लिए चुना गया है। इनमें चेस खिलाड़ी दिव्या देशमुख, विदित गुजराती, एथलीट तेजस्विन शंकर और बैडमिंटन खिलाड़ी गायत्री गोपीचंद व तृषा जॉली जैसे नाम शामिल हैं।अर्जुन पुरस्कार खेल के क्षेत्र में पिछले चार वर्षों में अच्छे प्रदर्शन और नेतृत्व, खेल-भावना और अनुशासन की भावना दिखाने वाले एथलीटों को दिया जाता है।

अर्जुन पुरस्कार (लाइफटाइम) 2025, 84 साल के आई. अरुमायनायगम(फुटबॉल) को दिया गया है।वे 1962 के जकार्ता एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। यह पुरस्कार उन खिलाड़ियों को सम्मान देने और प्रेरित करने के लिए दिया जाता है जिन्होंने खेल के क्षेत्र में योगदान दिया है और खेल से संन्यास के बाद किसी न किसी रूप में जुड़कर उसे बढ़ावा देने में योगदान देते रहते हैं।द्रोणाचार्य अवॉर्ड 2025, परवीर सिंह (एथलेटिक्स), छोटे लाल यादव (बॉक्सिंग), और नेहा नंदकुमार चव्हाण (शूटिंग) को दिया गया है। द्रोणाचार्य अवॉर्ड उन प्रशिक्षकों (कोचों) को दिया जाता है जो लगातार बेहतरीन और काबिलियत भरा काम करते हैं और खिलाड़ियों को इंटरनेशनल इवेंट्स में बेहतर करने में मदद करते हैं।द्रोणाचार्य अवॉर्ड (लाइफटाइम) 2025 के लिए धर्मेंद्र सिंह यादव (बॉक्सिंग) और वीरेंद्र कुमार (कुश्ती) का नाम निश्चित किया गया है। राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार 2025, आर्मी पैरालंपिक नोड, पुणे को दिया जाएगा। यह सम्मान उन कॉर्पोरेट एंटिटी (सार्वजनिक, निजी) और गैर-सरकारी संस्थान (एनजीओ) को दिया जाता है, जिन्होंने खेल को बढ़ावा देने और विकास के क्षेत्र में अहम भूमिका निभाई हो। राष्ट्रीय खेल पुरस्कार प्रत्येक वर्ष खेलों में बतौर खिलाड़ी और प्रशिक्षक बेहतर प्रदर्शन करने वालों को दिया जाता है।
