समाचार पत्रिका ‘तहलका’ के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल को रेप केस में 10 साल की सजा,13 साल पुराने यौन उत्पीड़न मामले में सजा…
तहलका मैगजीन के पूर्व संपादक तरुण तेजपाल करीब 13 साल पुराने चर्चित तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने 10 साल की सजा सुनाई है। गोवा बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए उन्हें दोषी करार दिया।कोर्ट ने कहा कि वे 2 हफ्ते में सरेंडर करें।इससे पहले मई 2021 में गोवा की ट्रायल कोर्ट ने सबूतों के अभाव में तेजपाल को बरी कर दिया था। इसके बाद मामला हाईकोर्ट पहुंचा था।मामला नवंबर 2013 का है। तहलका की महिला पत्रकार ने आरोप लगाया था कि गोवा में आयोजित थिंक फेस्ट के दौरान 7 और 8 नवंबर की रात होटल की लिफ्ट में तरुण तेजपाल ने दो बार उनका यौन उत्पीड़न किया।हाईकोर्ट ने गोवा सरकार की अपील स्वीकार करते हुए तरुण तेजपाल को दुष्कर्म और महिला की मर्यादा भंग करने का दोषी ठहराया और उन्हें 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
यह मामला नवंबर 2013 का है। आरोप है कि 7 और 8 नवंबर 2013 को गोवा के एक होटल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान तरुण तेजपाल ने अपनी ही जूनियर महिला सहकर्मी का यौन उत्पीड़न किया।घटना के करीब दस दिन बाद, 18 नवंबर 2013 को पीड़िता ने तहलका की तत्कालीन मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी को इसकी शिकायत की। शिकायत में उन्होंने पूरी घटना का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की।
शिकायत के अगले दिन तरुण तेजपाल ने पीड़िता को एक लंबा ईमेल भेजा। इस ईमेल में उन्होंने बिना शर्त माफी मांगते हुए लिखा कि 7 और 8 नवंबर को उन्होंने दो मौकों पर उसके साथ यौन संबंध बनाने की कोशिश की, जबकि पीड़िता ने स्पष्ट रूप से अपनी अनिच्छा जताई थी। उन्होंने इसे अपनी गलत निर्णय क्षमता और स्थिति को गलत समझने का परिणाम बताया।हालांकि पीड़िता ने केवल माफी को पर्याप्त नहीं माना। उन्होंने विशाखा दिशानिर्देशों के तहत आंतरिक यौन उत्पीड़न समिति गठित कर जांच कराने की मांग की। इसी बीच मामला राष्ट्रीय मीडिया में सामने आया और 22 नवंबर 2013 को गोवा पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली। इसके बाद 30 नवंबर 2013 को स्थानीय अदालत ने तरुण तेजपाल की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
इस फैसले पर राहत जताते हुए पीड़िता की मां कहा कि सालों चली कानूनी लड़ाई के बाद आए इस फैसले ने उनके दिल का भोझ उतार दिया है। उन्होंने कहा, ‘मेरे मन से एक बहुत बड़ा बोझ हट गया है। ये साल बहुत दर्दनाक थे। इतने सालों तक हिम्मत बनाए रखने के लिए बहुत ताकत की जरूरत पड़ी।’उन्होंने आगे कहा, ‘मैं गोवा सरकार और उनके वकीलों का शुक्रिया अदा करती हूं जिन्होंने मुझ पर भरोसा किया और न्याय के लिए लड़ाई लड़ी।’तेजपाल ने कोर्ट से कहा, ‘मैं 62 साल का हूं और मेरा मानना है कि मैं पीड़ित हूं। मेरी पत्नी है और इसके अलावा कहने के लिए ज्यादा कुछ नहीं है। मैं बस इतना कह सकता हूं कि हम अपील कर सकते हैं। कृपया मेरे प्रति नरमी बरतें। बाकी सभी तथ्य रिकॉर्ड पर रखे गए हैं।’तेजपाल ने कहा कि वह बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और दावा किया कि यह आदेश गलत है।
