20 दिन की भूख हड़ताल के बाद सोनम वांगचुक को उठा ले गई दिल्ली पुलिस, अस्पताल पहुंचाया…
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को शनिवार सुबह पुलिस उठाकर सफदरजंग अस्पताल ले गई। अस्पताल प्रशासन ने बुलेटिन जारी करके बताया कि वांगचुक को डिहाइड्रेशन हुआ है, लेकिन उन्होंने दवा लेने से इनकार कर दिया है।वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंग्मो का भी दावा है कि सोनम का पोटैशियम लेवल कम है। इसकी दवा जंतर-मंतर पर भी दी जा सकती थी, अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं थी।वांगचुक पेपर लीक मामले की जांच और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर अनशन कर रहे हैं। उनकी सेहत लगातार गिरती जा रही थी। वजन भी 9.5 किलो तक कम हो चुका है।
अस्पताल के अनुसार, भर्ती के समय वह पूरी तरह होश में थे। उनकी नाड़ी, रक्तचाप और ऑक्सीजन सैचुरेशन सामान्य एवं स्थिर पाया गया। हालांकि, शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) के लक्षण दिखाई दिए। जांच में ब्लड गैस एनालिसिस से क्षतिपूरित एसिडोसिस की स्थिति और सीरम पोटैशियम का स्तर कम पाया गया। भर्ती के समय उनका ब्लड शुगर 78 mg/dl दर्ज किया गया। दोबारा की गई जांच में भी सीरम पोटैशियम का स्तर पहले जैसा ही रहा। भर्ती के समय यूरिन में कीटोन (Urinary Ketones) का स्तर 1+ था, जो दोपहर 1:00 बजे तक बढ़कर 3+ हो गया। डॉक्टरों ने उन्हें नस के जरिए तरल पदार्थ (इंट्रावेनस फ्लूइड्स) देने की सलाह दी, लेकिन सोनम वांगचुक ने आईवी फ्लूइड्स, ओरल रिहाइड्रेशन फ्लूइड (ओआरएस) और किसी भी अन्य दवा को लेने से इनकार कर दिया है। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और उनके बेहतर स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए उपचार स्वीकार करने के लिए लगातार परामर्श दिया जा रहा है।
