वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स का 89 साल की उम्र में निधन,क्रिकेट जगत में शोक की लहर…
क्रिकेट जगत ने अपने सबसे महान खिलाड़ियों में से एक को खो दिया है। वेस्टइंडीज के महान ऑलराउंडर सर गारफील्ड सोबर्स का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। 28 जुलाई को वह 90 साल के हो जाते। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट कर सोबर्स को श्रद्धांजलि दी है। सर गारफील्ड सोबर्स को सर गैरी सोबर्स कहकर भी बुलाया जाता था।इसके साथ ही एक युग का अंत भी हो गया है। उन्होंने अपने करियर में 93 टेस्ट और 1 वनडे मैच खेला।
वो 1954-1973 तक वेस्टइंडीज के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट खेले।जब तक वनडे फॉर्मेट क्रिकेट के खेल में अपने पैर नहीं पसार पाया था, उससे पहले सर गारफील्ड सोबर्स टेस्ट फॉर्मेट को डोमिनेट किया करते थे। उन्होंने अपने वनडे करियर में सिर्फ एक मैच खेला, लेकिन टेस्ट में 8 हजार से ज्यादा रन और 235 विकेट चटकाए।
सर गारफील्ड सोबर्स का जन्म 28 जुलाई 1936 को कैरेबियाई आइलैंड बारबाडोस में हुआ था। उनकी खासियत यह थी कि वे 3 अलग-अलग तरह से गेंदबाजी कर सकते थे। उन्होंने बाएं हाथ से तेज गेंदबाजी की, बाएं हाथ से ऑफ-स्पिन के साथ-साथ उन्होंने बाएं हाथ से लेग स्पिन बॉलिंग भी की।सर गारफील्ड सोबर्स ने महज 17 साल की उम्र में अपना इंटरनेशनल डेब्यू कर लिया था। साल 1954 में उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच खेला।सोबर्स को क्रिकेट इतिहास का सबसे संपूर्ण खिलाड़ी माना जाता है। उन्होंने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग, तीनों विभागों में ऐसा स्तर स्थापित किया, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है। सोबर्स ने ऐसे दौर में क्रिकेट खेला, जब वेस्टइंडीज विश्व क्रिकेट की सबसे मजबूत टीमों में गिनी जाती थी। उनकी बहुमुखी प्रतिभा ने उन्हें खेल के महानतम खिलाड़ियों की सूची में हमेशा के लिए जगह दिलाई।उनके निधन के साथ क्रिकेट ने एक ऐसे महानायक को खो दिया है, जिसकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए हमेशा प्रेरणा का स्रोत रहेंगी।
