PM CARES फंड का डेटा जारी,पीएम केयर्स फंड को मिलने वाले दान में बड़ी गिरावट, घरेलू योगदान 30% घटा…
पीएम केयर्स फंड का मार्च 2025 तक का डेटा सामने आया है।ताजा ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, मार्च 2025 तक PM CARES फंड की कुल राशि बढ़कर 8,452 करोड़ रुपये हो गई है।लेटेस्ट ऑडिटेड अकाउंट्स से पता चलता है कि कुल रकम का लगभग 92.8 प्रतिशत, यानी 7,846.66 करोड़ रुपये, शेड्यूल्ड बैंकों में फिक्स्ड डिपॉजिट के तौर पर रखा गया था।2025 में पीएम केयर्स फंड में घरेलू दान 30% घटकर करीब 479 करोड़ रुपए रहा। विदेशी दान में भी कमी आई। यह 18% घटकर 92.8 लाख रुपए रह गया है।2023 में घरेलू दान 681 करोड़ और विदेशी दान 1.13 करोड़ रुपए था। ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 में फंड में टोटल रकम 7,173 करोड़ रुपए थी। 2025 में यह 8,452 करोड़ रुपए हो गई।
पीएम केयर फंड का इस्तेमाल समय-समय पर इमरजेंसी केयर बढ़ाने के लिए किया गया। केंद्र और राज्य सरकारों के अस्पतालों में ऑक्सीजन प्लांट लगाने और वेंटिलेटर खरीदने पर पैसा खर्च किया गया।2021-22 में प्रेशर स्विंग ऑक्सीजन प्लांट पर 1,703 करोड़ रुपए खर्च किए गए। वेंटिलेटर पर 835 करोड़ रुपए खर्च हुए। 2021-22 में फंड का कुल खर्च करीब 1,938 करोड़ रुपए था।फंड ने 2024-25 में पीएम केयर्स फॉर चिल्ड्रन योजना पर 87.8 लाख रुपये खर्च किए। यह पिछले वित्त वर्ष के 15.37 करोड़ रुपये से काफी कम है। वर्ष 2024-25 में कुल भुगतान 87.85 लाख रुपये रहा। पिछले वित्त वर्ष में यह 15.6 करोड़ रुपये था
पीएम केयर्स फंड की वेबसाइट पर उपलब्ध ऑडिट किए गए बयानों के अध्ययन से पता चलता है कि स्वैच्छिक घरेलू योगदान 2020-21 में 7,184 करोड़ रुपये के शिखर पर पहुंच गया था। इसके बाद यह 2021-22 में घटकर 1,896 करोड़ रुपये हो गया। 2022-23 में यह और गिरकर 909 करोड़ रुपये पर आ गया। विदेशी योगदान में भी तेज गिरावट देखी गई है। यह 2020-21 में 495 करोड़ रुपये के उच्च स्तर पर था। अगले दो वर्षों में यह घटकर 40 करोड़ रुपये और 2.57 करोड़ रुपये हो गया। अब विदेशी योगदान 92.8 लाख रुपये है। यह 2019-20 के पहले वर्ष में 39.7 लाख रुपये के बाद दूसरा सबसे कम आंकड़ा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2020 में कोविड महामारी फैलने के बाद पीएम केयर्स फंड बनाया था। प्रधानमंत्री ही इस फंड के अध्यक्ष होते हैं। इस फंड में पूरी राशि दान के रूप में आती है और इसे सरकार के बजट से कोई पैसा नहीं मिलता।इसका प्राथमिक उद्देश्य किसी भी प्रकार की आपातकालीन या संकटपूर्ण स्थिति से निपटना था।इसे एक सार्वजनिक चैरिटेबल ट्रस्ट के रूप में पंजीकृत किया गया था। प्रधानमंत्री इस फंड के पदेन अध्यक्ष होते हैं। यह फंड पूरी तरह से स्वैच्छिक योगदानों से चलता है।28 मार्च 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से इस फंड में योगदान करने की सार्वजनिक अपील की थी।पीएम ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा था कि यह फंड COVID-19 के खिलाफ भारत की लड़ाई में योगदान करने की लोगों की इच्छा के जवाब में बनाया गया है। उन्होंने यह भी कहा था कि यह फंड भविष्य में ऐसी ही मुश्किल स्थितियों में मदद करेगा।
