ऑपरेशन सिंदूर में तबाह जैश का ठिकाना फिर सक्रिय,पाक सरकार ने मरम्मत के लिए दिए थे 8 करोड़…
ऑपरेशन सिंदूर में इंडियन एयरफोर्स ने पाकिस्तान के बहावलपुर में जैश-ए-मोहम्मद का मरकज सुभानअल्लाह हेडक्वार्टर तबाह कर दिया था। अब यह फिर से बनकर तैयार हो गया है।इसके री-कंस्ट्रक्शन में 15 महीने लगे।मरकज सुभानअल्लाह के क्षतिग्रस्त गुंबद फिर बना दिए गए हैं, नया संगमरमर और प्लास्टर लगाया गया है। नया पेंट भी किया गया है। दीवारों समेत पूरी इमारत की मरम्मत कर की गई है।साथ ही प्रीमियम मार्बल फ्लोरिंग लगाई गई है, जिससे धमाके के पुराने निशान पूरी तरह से ढक गए हैं।मुख्य हॉल के भीतर बने गहरे गड्ढों को कंक्रीट से भर दिया गया है, जबकि अल-साबिर मदरसे और शीर्ष कमान के आवास जैसी तबाह हो चुकी इमारतों को ध्वस्त कर वहां नया निर्माण किया गया है।
22 अप्रैल 2025 को कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई की थी।6-7 मई की रात हुए ऑपरेशन सिंदूर में आतंकवादी संगठन जैश के इस ठिकाने को काफी नुकसान पहुंच था।मरकज सुभान अल्लाह भारत पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा से 100 किलोमीटर दूर है। यहां जैश नए आतंकियों की भर्ती, ट्रेनिंग और ब्रेनवॉश करता था।18 एकड़ में फैले इस परिसर को उस्मान-ओ-अली कैंपस के नाम से भी जाना जाता है। यहां एक मस्जिद और दूसरी सुविधाएं भी मौजूद थीं।बहावलपुर का यह कैंप लंबे समय से भारत के खिलाफ जैश की गतिविधियों से जुड़ा रहा है। संगठन का नाम 2001 के संसद हमले, 2016 के पठानकोट एयरबेस हमले और 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले से जुड़ा है।माना जाता है कि पुलवामा हमले की साजिश भी सुभान अल्लाह कैंप में बनाई गई थी।
पाकिस्तानी अधिकारियों ने जैश-ए-मोहम्मद को 25 करोड़ पाकिस्तानी रुपये की नकद सहायता उपलब्ध कराई, जिसमें से लगभग 11 करोड़ रुपये 15 महीने के भीतर इस मुख्य परिसर के पुनर्निर्माण पर खर्च किए गए।जैश सरगना मसूद अजहर की स्वास्थ्य समस्याओं के चलते बहावलपुर परिसर का दैनिक कामकाज अब उसके भाइयों तलहा अल-सैफ और मोहिउद्दीन औरंगजेब उर्फ अम्मार अल्वी के हाथों में चला गया है।
