पोटका में ब्रेन मलेरिया बेकाबू:1193 जांच में 133 संक्रमित मिले,13 की हालत गंभीर….
झारखंड में पूर्वी सिंहभूम जिले के पोटका प्रखंड में ब्रेन मलेरिया का प्रकोप फैलता जा रहा है। संक्रमण के तेजी से बढ़ते मामलों ने जहां स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है, वहीं सुदूरवर्ती ग्रामीण इलाकों में दहशत का माहौल है। बुधवार को लगातार तीसरे दिन स्वास्थ्य विभाग की 24 विशेष टीमों द्वारा विभिन्न प्रभावित गांवों में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस दौरान रिकॉर्ड 1,193 लोगों की मलेरिया जांच की गई। इसमें से 133 लोग ब्रेन मलेरिया से संक्रमित पाए गए। एक ही दिन में इतनी बड़ी संख्या में मरीजों के मिलने से पूरे प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है।चार बच्चों की मौत और बढ़ते संक्रमण के बाद स्वास्थ्य विभाग ने पोटका, मुसाबनी, घाटशिला और डुमरिया प्रखंड में हाई अलर्ट घोषित कर दिया है।
बढ़ते प्रकोप को देखते हुए जिला स्तर पर चार विशेष मेडिकल टीमें गठित की गई हैं। कुल 108 चिकित्सकों को प्रभावित चार प्रखंडों में आपातकालीन ड्यूटी पर तैनात किया गया है। अकेले पोटका में ही 17 डॉक्टरों की टीम प्रभावित गांवों में घर-घर जाकर ब्लड स्लाइड बनाने, त्वरित उपचार करने और दवा वितरण के कार्य में जुटी है। इसके साथ ही, ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक और विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से मच्छरदानी के नियमित उपयोग, साफ-सफाई रखने तथा बुखार होने पर तत्काल सरकारी अस्पताल में जांच कराने की सलाह दी जा रही है। बीमारी फैलने के कारणों की भी होगी जांच : मरीजों की बढ़ती संख्या और चार बच्चों की मौत के बाद जिला प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है कि संक्रमण इतनी तेजी से क्यों फैला। अधिकारियों को प्रभावित गांवों की लगातार निगरानी और हर संदिग्ध मरीज की समय पर जांच सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।
चार दिनों के भीतर चार आदिवासी बच्चों की ब्रेन मलेरिया से हुई मौत के बाद पूर्व केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने सदर अस्पताल पहुंचकर ब्रेन मलेरिया से पीड़ित मरीजों का हालचाल जाना।इस दौरान उन्होंने भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की तथा चिकित्सकों से मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। अर्जुन मुंडा ने पीड़ितों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हुए चिकित्सकों से समुचित उपचार सुनिश्चित करने का आग्रह किया।
