रूसी राष्ट्रपति पुतिन सितंबर में भारत आ सकते हैं,जयशंकर ने रूस पहुंचकर दिया ब्रिक्स का न्योता …
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की। इस दौरान जयशंकर ने व्लादिमीर पुतिन को प्रधानमंत्री नरेंद्र का खास संदेश दिए। जयशंकर ने कहा, “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं देकर अपनी बात शुरू करना चाहता हूं। उन्होंने आपको देने के लिए मुझे एक व्यक्तिगत संदेश दिया है, जिसे मैं आपको सौंपना चाहता हूं।हमारी अंतर-सरकारी आयोग की बैठक हुई है और मुझे लगता है कि हमारे पास आपको सौंपने के लिए एक अच्छी रिपोर्ट है।आर्थिक सहयोग, व्यापार, ऊर्जा, फर्टिलाइजर, परमाणु और अन्य आयामों में सहयोग बढ़ा है, जिन पर मुझे विस्तार से बात करके खुशी होगी। कुल मिलाकर हमारा आर्थिक सहयोग काफी आगे बढ़ा है।प्रधानमंत्री मोदी एससीओ शिखर सम्मेलन में आपसे मिलने और फिर ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के लिए भारत में आपका स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। इसके बाद उचित समय पर, आप दोनों की सुविधा के अनुसार वार्षिक शिखर सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इसलिए हमारे पास सहयोग की एक बहुत मजबूत तस्वीर पेश करने के लिए है।””दोनों नेताओं ने भारत-रूस के रिश्तों और आपसी सहयोग को लेकर भी चर्चा की। जयशंकर रविवार को मॉस्को पहुंचे थे। वह रूस के अपने दो दिन के दौरे पर हैं।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि “इस साल रूस और भारत के बीच कारोबार बढ़ा है।उन्होंने कहा कि रूस और भारत के बीच दशकों से मजबूत रिश्ते बने हुए हैं। दोनों देश व्यावहारिक तौर पर लगभग सभी क्षेत्रों में अपना सहयोग जारी रखे हुए हैं। इसका श्रेय आंशिक रूप से, और शायद मुख्य रूप से, प्रधानमंत्री मोदी को जाता है, जो रूसी-भारतीय संबंधों को विकसित करने पर व्यक्तिगत ध्यान दे रहे हैं।”उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि शंघाई सहयोग संगठन के ढांचे के भीतर, जैसा कि हमने योजना बनाई थी, उनसे जल्द ही मुलाकात होगी। हमारा कार्यक्रम ऐसा है कि हम संभवतः इस वर्ष फिर से मिल पाएंगे। मुझे पता है कि आप (विदेश मंत्री) और आपके रूसी समकक्ष, रूसी उप प्रधानमंत्री मंटुरोव, जो अंतर-सरकारी आयोग के रूसी हिस्से के प्रमुख हैं, ने पहले ही कड़ी मेहनत की है और निस्संदेह सबसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की है।”
रूसी राष्ट्रपति पुतिन दिल्ली में 12-13 सितंबर को आयोजित होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में शामिल होने के लिए भारत आने वाले हैं। इससे पहले दिसंबर 2025 में पुतिन के पिछले भारत दौरे के दौरान दोनों देशों ने साल 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 100 अरब डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया था। तब से भारत और रूस के बीच व्यापार में भारी उछाल आया है और भारत अब रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार देश बन चुका है।विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोमवार को मॉस्को में रूस के उपप्रधानमंत्री डेनिस मंटुरोव से भी मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत-रूस के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग को और बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इस दौरान दोनों देशों के बीच साझेदारी बढ़ाने पर भी बात हुई।भारत और रूस कई क्षेत्रों में आपसी सहयोग बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। जयशंकर ने मंटुरोव के साथ बातचीत में कहा कि भारत-रूस साझेदारी ने लगातार बदलती परिस्थितियों के मुताबिक खुद को मजबूत और बेहतर तरीके से ढाला है।उन्होंने कहा कि दुनिया में मुश्किल हालात के बावजूद दोनों देशों के रिश्ते लगातार गहरे हुए हैं। यह दोनों देशों के बीच आपसी हित और भरोसे को दिखाता है।अपनी यात्रा के दौरान जयशंकर रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव से भी मुलाकात करेंगे। इस दौरान दोनों नेता क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान करेंगे।
