भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन शुरू:हरियाणा में जींद से सोनीपत तक 89km का रूट,प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिखाई हरी झंडी…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रेलवे स्टेशन से देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत हाइड्रोजन ईंधन से संचालित ट्रेन चलाने वाला दुनिया का पांचवां देश बन गया। उद्घाटन के पहले दिन ट्रेन में जींद से 270 यात्रियों ने यात्रा की, जिनमें लगभग 200 स्कूली विद्यार्थी शामिल थे।यह ट्रेन नॉर्दर्न रेलवे के जींद-सोनीपत सेक्शन पर चलाई जाएगी।फिलहाल इसे एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया गया है।इसका मकसद यह दिखाना है कि दुनिया के सबसे बड़े रेल नेटवर्क में से एक भारतीय रेलवे में हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनों का इस्तेमाल किस तरह किया जा सकता है।इस पहल के साथ भारत जर्मनी, जापान, चीन और अमेरिका जैसे देशों की फेरहिस्त में शामिल हो गया है, जो हाइड्रोजन बेस्ड रेल ट्रांसपोर्टशन पर काम कर रहे हैं।इन देशों में जहां आमतौर पर दो से चार डिब्बे वाली हाइड्रोजन ट्रेन का संचालन होता है।वहीं, भारत में पहली हाइड्रोजन ट्रेन में 10 कोच है, जिसमें 2600 यात्री एक साथ सवारी कर सकेंगे। अगले चरण में 34 और हाइड्रोजन ट्रेन देश के विभिन्न हिस्सों में दौड़ती दिखाई देंगी।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि आज का दिन भारत के लिए अत्यंत गौरवपूर्ण है क्योंकि देश ने हाइड्रोजन आधारित रेल तकनीक के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। उन्होंने कहा कि भारत अब उन चुनिंदा देशों की श्रेणी में शामिल हो गया है, जिन्होंने हाइड्रोजन से संचालित ट्रेनों के लिए आवश्यक संपूर्ण तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर लिया है। जींद में स्थापित हाइड्रोजन उत्पादन संयंत्र इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस संयंत्र में पानी से इलेक्ट्रोलिसिस प्रक्रिया के माध्यम से हाइड्रोजन तैयार की जाती है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा प्राप्त होती है और किसी प्रकार का प्रदूषण या हानिकारक उत्सर्जन नहीं होता।हाइड्रोजन ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन और विकसित की गई है तथा स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। हाइड्रोजन से बिजली उत्पन्न कर यह ट्रेन चलाई जाएगी। धुएं की जगह केवल जलवाष्प निकलेंगे, जिससे शून्य कार्बन उत्सर्जन होगा। ग्रीन हाइड्रोजन के उपयोग से बिजली और डीजल की जरूरत नहीं होगी।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारतीय रेल ने अभूतपूर्व परिवर्तन देखा है। वंदे भारत एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी आधुनिक ट्रेनों का संचालन, रेलवे स्टेशनों का व्यापक पुनर्विकास, रेल पटरियों का आधुनिकीकरण तथा अब हाइड्रोजन ट्रेन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का समावेश इस परिवर्तन की स्पष्ट झलक है।
